Sanjay Raut News: बुधवार को राज्यसभा में ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025’ (Immigration and Foreigners Bill) पर चर्चा के दौरान शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस हो गई. इस बिल पर अपनी राय रखते हुए संजय राउत ने कहा कि जब यह बिल पेश किया गया, तो गृह मंत्री ने कहा था कि यह देश धर्मशाला नहीं है. लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि यह देश किसी की निजी संपत्ति भी नहीं है और न ही यह कोई जेल है.
बालासाहेब ठाकरे का नाम सुनकर भड़के राउत
संजय राउत के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के एक सदस्य ने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का नाम लिया. यह सुनते ही संजय राउत गुस्से में आ गए और बोले, “कौन बोल रहा है बालासाहेब ठाकरे? कौन है?” उन्होंने बार-बार सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए सवाल किया कि बालासाहेब ठाकरे का नाम लेने वाला कौन है?
सत्ता पक्ष पर साधा निशाना
संजय राउत ने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “ये वही लोग हैं, जिन्होंने दस-दस बार अपनी पार्टी बदली है. ये हमें शिवसेना और बालासाहेब ठाकरे के बारे में न सिखाएं.” संजय राउत ने आगे कहा, “जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वहां रह रहे भारतीयों को जबरदस्ती वापस भेजा, तो यह गलत था. अगर यह कानून पास हो जाता है और कोई अमेरिकी नागरिक यहां अवैध रूप से रहता है, तो उसे भी उसी तरीके से वापस भेजना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि “देश में करीब 3 करोड़ रोहिंग्या और बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं, इन्हें बाहर निकालना जरूरी है. यह काम सबसे पहले हमने ही शुरू किया था.”
‘आतंकियों पर सरकार सोई रही’
संजय राउत ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “जो आतंकी इस देश में आए, वे वैध पासपोर्ट लेकर नहीं आए थे. लेकिन सरकार को इसकी भनक तक नहीं लगी. इसलिए मेरी सलाह है कि इस बिल पर दोबारा चर्चा होनी चाहिए.”
क्या है इमिग्रेशन और विदेशी बिल?
मोदी सरकार ने अप्रवासन और विदेशी 2025 विधेयक लाने का फैसला किया है, जिसका मकसद देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाना है. इस कानून के जरिए सरकार इमिग्रेशन प्रक्रिया पर पूरी तरह से नियंत्रण रखेगी और विदेशियों द्वारा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई कर सकेगी. अगर कोई विदेशी नागरिक वीजा नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे दो साल तक की जेल हो सकती है और दस लाख रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है. इस विधेयक से अवैध रूप से देश में रहने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.